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आख़िर क्यों स्वास्थ्य मंत्री नकार रहें देश में टीके के कमी की बात

Reported By : Desk

Published On : July 15, 2021

वर्तमान परिस्थितियों में भारत कोरोना की दूसरी लहर से निकलती नज़र आ रही है परंतु अब जो भीड़ की उमड़ती तस्वीरे सामने आ रही है उसे देखते हुए अब एक्सपर्ट यह कह रहें है कि जल्द ही भारत में तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। यानी कि तीसरी लहर के इस अंदेशे के साथ आने वाले दिनों में संक्रमण के बढ़ते खतरे की ओर इशारा किया गया है। इन परिस्थितियों में यह भी आकलन किया जा रहा है कि यदि भारत में युवाओं की 60% जनसंख्या को वैक्सिन की दोनों ही डोज़ लगा दी जाए तो आने वाला यह खतरा टल सकता है। परंतु क्या वाकई परिस्थियां ऐसी है कि भारत संभावित तीसरे खतरे को टाल सकता है, जानते है विभिन्न राज्यों में वैक्सिनेशन के लिए उठते हाहाकार के साथ।

कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य अब ठीके की कमी से प्रभावित

दिल्ली सरकार ने मंगलवार 13 जुलाई को बुलेटिन जारी करके बताया कि दिल्ली का वैक्सीन स्टॉक के केवल 2 दिन और चलने की उम्मीद है। लेकिन मंगलवार को भी कई केंद्र बंद रहे क्योंकि दिल्ली में सोमवार की शाम 1 दिन से भी कम समय के लिए स्टॉक था। केंद्र ने दिल्ली को तब तक ताजा स्टॉक उपलब्ध नहीं कराया था। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि वैक्सीन की कमी के कारण मंगलवार को 500 केंद्र बंद रहेंगे।

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार उनके पास 1 दिन में 15 लाख डोज लगाने की क्षमता है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार पिछले सप्ताह 70 लाख खुराक आ गई थी, लेकिन वो मात्र 3 दिनों में खत्म हो गई। यहां तक कि महाराष्ट्र विधानसभा ने हाल ही में एक प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार से अगले 3 महीने में प्रतिमाह 3 करोड़ डोज की मांग की है।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुब्रमण्यन के अनुसार राज्य को लगभग 11.5 करोड़ डोज की जरूरत है, लेकिन उसे अब तक मात्र 1.67 करोड़ डोज ही प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तमिलनाडु के वैक्सीन आवंटन में असंतुलन की बात कही और इसके लिए एक करोड़ डोज के विशेष आवंटन की मांग की।

वैक्सिन की अनुपलब्धता और लोगों का उमड़ा जन-सैलाब

झारखंड में भी वैक्सिनेशन की स्थिति कुछ इसी तरह देखने को मिली जहाँ 3 दिनों तक वैक्सिनेशन कार्य पूरी तरह ठप्प रहने के बाद केंद्र सरकार द्वारा 1 लाख कोविशिल्ड टीकों की डोज़ आपूर्ति करवाई गई परंतु टीकों के विभिन्न राज्यो में वितरण होने के बाद यह समझ आता है यह केवल 2 दिनों के लिए ही पर्याप्त है। ऐसे में अब आगे के वैक्सिनेशन के लिए झारखंड की जनता को अभी और इंतजार करना होगा। वहीं, वैक्सीन की कमी के बाद वैक्सिन की उपलब्धता की खबर सुनते साथ बिहार के गोपालगंज में उमड़ी भीड़ ने तो पूरे भारत का ध्यान अपनी ओर खींचा।

लोगों में घबराहट पैदा करने के अंदेशे से फैलाई जा रही जूठी खबरें

तो अब इन परिस्थितियों में यह देखने को जरूरत है कि देश के नव नियुक्त स्वास्थ्य मंत्री किस तरह से इन परिस्थितियों में भी सरकार का बचाव करते नज़र आते है। मांडविया ने लगातार 6 ट्वीट से उन आरोपों को नकारने की कोशिश की है, जिनके अनुसार राज्यों को वैक्सीनेशन स्पीड बनाए रखने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मांडविया ने कहा कि सिर्फ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए (वैक्सीन की उपलब्धता पर) निरथर्क बयान दिया जा रहा है।


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The Khabar Khand. Opinion of Democracy

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