Call or email us for advertisements

Phone: +919031336669

Email: khabarkhandnews@gmail.com

जनसंख्या नियंत्रण पर यूपी सरकार का ड्राफ्ट तैयार, दो से अधिक बच्चों पर नहीं मिलेगी नौकरी में प्रमोशन का मौका

Reported By : Desk

Published On : July 11, 2021

भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की चर्चा फ़िलहाल जोर पर पकड़ गई है। अबतक तो उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपायों के रास्ते बनने लगे हैं। राज्य विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण व कल्याण) विधेयक-2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव लडऩे पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।

गैर-सरकारी नौकरी वाले दो बच्चों के दंपत्ति को मिलेगी कई छूट

अब जानिए ऐसी क्या नीतियां अपनाई जाने वाली है जिस बात का उतना बवाल मचा हुआ है। नई जनसंख्या नीति में अगर परिवार के अभिभावक सरकारी नौकरी में हैं और नसबंदी करवाते हैं तो उन्हेंं अतिरिक्त इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन बढ़ाने जैसी कई सुविधाएं देने की सिफारिश की गई है। दो बच्चों वाले दंपत्ति अगर सरकारी नौकरी में नहीं हैं तो उन्हेंं पानी, बिजली, हाउस टैक्स, होम लोन में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव है।

खुद से नसबंदी करवाने वाले अभिभावकों के बच्चों को मुफ्त इलाज, शिक्षा और बीमा

एक संतान पर खुद से नसबंदी कराने वाले हर अभिभावकों को संतान के 20 वर्ष तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है। इसके अंतर्गत सरकारी नौकरी वाले दंपती को चार अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने का सुझाव है। अगर दंपती गरीबी रेखा के नीचे हैं और एक संतान के बाद ही स्वैच्छिक नसबंदी करवाते हैं तो उनके बेटे के लिए उसे 80 हजार और बेटी के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त दिए जाने की भी सिफारिश है।

कानून के लागू होने के बाद इसके उल्लंघन पर हो सकता है नौकरी जाने का खतरा

कानून लागू हुआ तो एक वर्ष में सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय निकाय में चुने जनप्रतिनिधियों को शपथपत्र देना होगा कि वह इसका उल्लंघन नहीं करेंगे। इसमें सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने व बर्खास्त करने तक की सिफारिश है। हालांकि, ऐक्ट लागू होते समय प्रेगेनेंसी हैं या दूसरी प्रेगनेंसी के समय जुड़वा बच्चे होते हैं तो ऐसे केस कानून के दायरे में नहीं आएंगे। अगर किसी का पहला, दूसरा या दोनों बच्चे नि:शक्त हैं तो उसे भी तीसरी संतान पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। तीसरे बच्चे को गोद लेने पर भी रोक नहीं रहेगी।

19 जुलाई तक जनता से मांगी गई राय

विधि आयोग ने बकायदा इसका ड्राफ्ट सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया है और 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है। यह ड्राफ्ट ऐसे समय में पेश किया गया है जब 11 जुलाई को योगी सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है। आयोग के मुताबिक इस ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए कोई सरकारी आदेश नहीं है। खुद की प्रेरणा से यह ड्राफ्ट आयोग ने तैयार किया है। इसे लेकर 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है। यह ड्राफ्ट ऐसे समय में पेश किया गया है जब 11 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है।


Khabar Khand

The Khabar Khand. Opinion of Democracy

Related Posts

नहीं रहे फर्राटा धावक मिल्खा सिंह, हाल में दी थी कोरोना को मात

भारत के महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शुक्रवार (18 जून) को निधन हो गया। उनके परिवार के एक प्रवक्ता ने…

June 19, 2021

मेडीकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी पर 10 लाख से भी अधिक के सायबर क्राइम के शिकार हुए अशोक

ऑनलाइन के इस ट्रेंड में चीज़े जितनी आसान हुई है, वहीं ऑनलाइन फ्रॉड व साइबर क्राइम की संभावना भी अधिक हो गई है। इसी तरह ऑनलाइन मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी…

June 17, 2021

पत्रकार की हत्या पर शुरू हुई यूपी में राजनीति, पुलिस सड़क हादसा तो विपक्ष बता रहा शराब माफियों की साजिश

इन दिनों उत्तर प्रदेश में एबीपी के पत्रकार की संदेहास्पद स्थिति में मौत का विषय काफी राजनीतिक सुर्खियां भी बटोर रहा है। दरअसल, सुलभ श्रीवास्तव ने अपने मौत के ठीक…

June 14, 2021