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किताबो के पन्नों में अब पिता सुलेमान की तलाश कर रहे हैं, यूपी पुलिस की बर्बरता के पूरे हुए 1 वर्ष

Reported By : Zakir Ali Tyagi

Published On : December 21, 2020

सुलेमान UPSC की तैयारी कर रहा था जिसकी पुलिस ने बिजनौर के नहटौर में गोली मारकर हत्या कर दी, सुलेमान के पिता ज़ाहिद हुसैन अपने बेटे की मौत के बाद उसकी किताबों को टटोल रहे है, निहारते रहे। नज़रें किताबो के पन्ने हट नहीं रही थीं. वर्क़ पलट रहे पिता शायद इस उम्मीद में थे कि सुलेमान बोल पड़ेंगे, चहक उठेंगे.

किताबों में बेटा कहां मिलता उसे तो ज़ालिम पुलिस की नासमझ गोली ने खा लिया था. पिछले वर्ष आज ही के दिन यानी 20 दिसंबर 2019 को पुलिस ने सुलेमान के पेट मे गोली मार हत्या कर दी. लेकिन बिजनौर पुलिस अपनी गोली से सुलेमान की मौत होने से इनकार करती रह। कई प्रेस कांफ्रेंस हुईं किसी अधिकारी ने कहा कि सुलेमान हम पर कट्टे से गोली चला रहा था, पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने कहा था कि सुलेमान पर सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई गई थी जो कि उसके पेट में जा लगी और मौत हो गई, SHO सहित 6 पुलिसकर्मियों पर मुक़दमा दर्ज किया गया लेकिन कल ख़बर आई कि सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है।

‘मेरा बेटा नमाज़ पढ़ने कट्टा नहीं टोपी लेकर गया था’

20 दिसंबर 2019 को NRC,CAA के विरुद्ध पूरे भारत मे प्रोटेस्ट हुए थे बिजनौर में भी प्रोटेस्ट हो रहा था लेकिन सुलेमान के पिता के मुताबिक सुलेमान प्रोटेस्ट का हिस्सा नही था वो तो सर पर टोपी रख कर मस्जिद की तरफ़ नमाज़ पढ़ने के लिए जा रहा था। सुलेमान के पिता कहते है कि मेरा बेटा नोएडा में यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। बीमारी की वजह से घर आया हुआ था,नमाज़ पढ़ने गया हुआ था पुलिस रास्ते मे से उठाकर ले जाती है और थोड़ी दूर ले जाकर सिर में गोली मार देती है,जब हम अस्पताल लेकर गये तो वहां मृत घोषित कर दिया जाता है, मेरा बेटा नमाज़ पढ़ने गया था कट्टा नहीं टोपी लेकर गया था।

न्यूज़लांड्री के पत्रकार मित्र Basant Kumar से सुलेमान के पिता ज़ाहिद हुसैन आगे की कहानी बताते है लेकिन सुलेमान कैसा लड़का था इसकी तस्दीक कराने के लिए मुहल्ले के प्रदीप शर्मा को बुलाकर लाते हैं,प्रदीप शर्मा सुलेमान के पड़ोसी है। शर्मा जी कहते है कि सुलेमान काफ़ी होनहार लड़का था।कभी उसका मुहल्ले में किसी के साथ झगड़ा भी नही हुआ था।

गाँव की मिट्टी तक नहीं हुई नसीब, लाख मिन्नतों के बाद सुलेमान को नसीब हुई ननिहाल की मिट्टी

सुलेमान के पिता ज़ाहिद हुसैन कहते है कि पुलिस ने मेरे बेटे को मार दिया और गांव की मिट्टी भी नसीब नहीं होने दी। यानी सुलेमान को पुलिस ने गांव में दफ़नाने नही दिया। सुलेमान का बिजनोर में पोस्टमार्टम हुआ। जब परिजन शव को लेकर अपने कस्बे नहटौर को लेकर चलते हैं तो पुलिस कहती है कि इसे यहीं-कहीं दफना दो गांव में मत ले जाओ। हमें डराया गया धमकाया गया। हमने ख़ूब गुज़ारिश की लेकिन पुलिस ने शव गांव की ज़ानिब नही बढ़ने दिया। हमने सुलेमान के शव को ननिहाल में दफ़नाने की बात की तो पुलिस ने वहां भी नही जाने दिया। ननिहाल पोस्टमार्टम हाउस के करीब थी। रोकर गुज़ारिश की तो पुलिस ने सुलेमान के शव को ननिहाल में दफ़नाने की इजाज़त दे दी और हम ननिहाल की तरफ़ शव लेकर चल दिये हमारे साथ पुलिस ने अपनी तीन गाड़िया लगा दी थी।

क्या सुलेमान अकेला ही पुलिस पर हमला कर रहा था?

इस तरह से पुलिस ने यूपी में हत्याएं की है। खुद पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने कहा था कि पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई जो कि सुलेमान के पेट मे जा लगी। यानी सुलेमान की मौत की ज़िम्मेदारी पुलिस ने ली थी। पुलिस ने क़ुबूल किया है कि सुलेमान की मौत पुलिस की गोली से हुई लेकिन पुलिस का कहना है कि सेल्फ़ डिफेंस में चलाई गई गोली से मौत हुई है। SHO सहित 6 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज हुआ लेकिन कल एसआईटी ने सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी है। क्या सुलेमान प्रदर्शन में शामिल था?यदि शामिल भी था तो क्या सुलेमान अकेला ही पुलिस पर हमला कर रहा था?सुलेमान प्रदर्शन में शामिल ही नही था। पुलिस ने मस्जिद के नज़दीक से उठा सुलेमान की हत्या की है। योगी पुलिस की गुंडागर्दी पूरे देश ने देखी है। बदला लेने वाली बात कहकर मुख्यमंत्री ने अपनी पुलिस को आगे कर दिया है और कहा गया है कि खूब घर उजाड़ो आपको सुरक्षित कर लिया जायेगा बचा लिया जायेगा।

दंगों में पब्लिक तो कर देगी नुकसान भरपाई, लेकिन जो पुलिस ने उजाड़ा उसकी भरपाई किसके खाते आएगी!

मुख्यमंत्री, पीएम देशभर में हुए नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से करने की बात कह चुके है लेकिन यह भी जांच होनी चाहिए कि नुक़सान प्रदर्शन करने वालों ने ही किया है या पुलिस की वर्दी में छिपे गुंडों ने?मुजफ्फरनगर में पुलिस का उत्पात सीसीटीवी में देखा जा सकता है एनडीटीवी, द क्विंट पर देखा जा सकता है जो नुक़सान आपकी पुलिस ने किया जो हत्याए आपकी पुलिस और सरकार ने की उसकी भरपाई किस तरह होगी और कब होगी पीएम मोदी, सीएम योगी मंथन कर स्टेटमेंट जारी करे।

मुज़फ्फरनगर में पुलिस ने घरों में घुस तोड़फोड़ की है इंसानो के सिरों को भी सामान की तरह तोड़ा गया है जवान बेटियों को पीटा है तो बाप द्वारा विरोध करने पर पिताओ को भी पीटा गया है, बदला लेने की बात कहने वाला मुख्यमंत्री भी गोरखपुर दंगे का बदला चुकाने की बात कहे, जिनके घर शीशे के होते है वह दूसरे के मकानों पर पत्थर नही फेंका करते साहब।

वो ही साबित हुआ आख़िर हज़ारो बेगुनाहों का,
जो अक़्सर गुफ्तगूं के नाम पर शोर लें उगलता है।

ऐसे मुल्क़ में इंसाफ़ की उम्मीद किससे हो,
जहां पर मुज़रिमों के हुक़्म से क़ानून चलता है।।


Khabar Khand

The Khabar Khand. Opinion of Democracy

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